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क्वांटम यांत्रिकी

यह पुस्तक आधुनिक क्वांटम यांत्रिकी का एक कठोर गणितीय निरूपण प्रस्तुत करती है। सामान्य परिचयात्मक पाठ्यपुस्तकों की सीमा से आगे बढ़कर यह गणितीय भौतिकी के आवश्यक साधनों का गहन अध्ययन करती है—हिल्बर्ट समष्टियों से लेकर उन्नत स्पेक्ट्रमी सिद्धांत तक, जिसमें संस्थिति और ज्यामिति भी शामिल हैं।
यह ग्रंथ उन पाठकों के लिए है जो केवल गणना करने से आगे बढ़कर प्रयुक्त संरचनाओं की तार्किक अनिवार्यता और आधार को समझना चाहते हैं। पाठ व्याख्या से जुड़े प्रश्नों को सीधे उठाता है, मापन और डिकोहेरेंस की समस्या का विस्तार से विश्लेषण करता है तथा वैकल्पिक सिद्धांतों और उनके प्रायोगिक प्रतिबंधों को भी प्रस्तुत करता है।
उच्च स्तर के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए लिखी गई यह पुस्तक तकनीकी कठोरता और संकल्पनात्मक गहराई को जोड़ते हुए सिद्धांत पर व्यापक अधिकार विकसित करने का लक्ष्य रखती है।
पुस्तक के बारे मेंविषयसूची
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सामान्य परिचय और आधारभूत प्रयोग
कुछ ऐतिहासिक प्रयोग जिन्होंने शास्त्रीय यांत्रिकी की अपर्याप्तता दिखाई।
विषय खोलें →विषय 02हिल्बर्ट समष्टियाँ और डिराक संकेतन
हिल्बर्ट समष्टियों की संरचना, सांस्थितिक द्वैत तथा परिमित और अनंत विमाओं में डिराक संकेतन।
विषय खोलें →विषय 03अभिधारणाएँ और अनुप्रयोग
सिद्धांत के मूल अभिगृहीत, व्याख्याएँ और मापन के भौतिक परिणाम। अभिधारणाओं को ठोस भविष्यवाणियों से जोड़ने की गणना विधियाँ और संकारक उपकरण।
विषय खोलें →विषय 04रैखिक संकारकों का सिद्धांत
हिल्बर्ट समष्टियों की संस्थिति, परिबद्ध और अपरिबद्ध रैखिक संकारक, स्पेक्ट्रमी सिद्धांत।
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